कानपुर।कोरोना महामारी से आज सारा देश अवसाद ग्रसित है जिसमें अधिवक्ता परिवार भी अत्यधिक संकट का सामना कर रहा है मैं स्वयं अधिवक्ता हूं और अपने अधिवक्ता परिवार में व्याप्त आर्थिक कठिनाई को भली-भांति समझती हूं महिला अधिवक्ता वर्तिका दवे के नेतृत्व में वकीलों का एक ग्रुप सांसद सत्यदेव पचौरी के घर अधिवक्ताओं की आर्थिक सहायता के लिए ज्ञापन देने हेतु पहुंचा ।उन्होंने बताया की अपने अधिवक्ता परिवार की यह व्यथा मैंने ई-मेल के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री से प्रत्यावेदन के रूप में याचित की,समाज के अन्य जरूरतमंद वर्ग के लिए प्रचलित योजनाओं के समानांतर ही मैंने अधिवक्ता समाज के लिए भी आर्थिक अनुदान की मांग की है यह त्रासदी व लॉक डाउन से जनित डाउन से जनित समस्या प्रथम बार सामने आई है। इसलिए सभी अपेक्षित जरूरतमंद का सही-सही पूर्व से आकलन कर पाना कठिन था। अतःप्रत्यावेदन के माध्यम से अधिवक्ता परिवार की आर्थिक संकट व समाधान हेतु राहत पैकेज की मांग की गई थी। जिसका निस्तारण प्रत्यावेदन की प्राप्ति से 24 घंटे के अंदर ऐसी याचना की गई,इस स्थिति में उच्च न्यायालय के समक्ष जनहित याचिका आयोजित करने की भी बात कही,जिसमें प्रार्थिनी वर्तिका दवे ने स्वयं को मिलने वाले सभी लाभों से पथक किया है ताकि जनहित याचिका आयोजित की जा सकेउसके उपरांत प्रत्यावेदन की गंभीरता को लेते हुए राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने अधिवक्ताओं व उनके आश्रित परिवारों में व्याप्त गंभीर आर्थिक संकट को देखते हुए प्रार्थिनी का प्रत्यावेदन प्रबल संतुष्टि के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा गया,किंतु आज तक उसका कोई निस्तारण नहीं हुआ,ऐसी विषम परिस्थितियों में अधिवक्ता समाज अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेगा। मेरे द्वारा दिए गए का इंतजार प्रत्यावेदन के अनुरूप ही केवल अधिवक्ताओं बल्कि मुंशी आदि को भी न्यायालय पर पूर्ण रूप से आश्रित व वर्तमान परिस्थिति में जरूरतमंद माना,वह सभी के हितों को सुरक्षित करने हेतु याचिका संख्या 569 सन 2020 स्वतः संज्ञान लिया गया है ऐसी स्थिति में सीनियर अधिवक्ता, जूनियर अधिवक्ता,मुंशी,टाइपिस्ट आदि लोगों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वर्तिका दवे ने यह भी कहा कि हैं। वर्तिका दवे ने यह भी कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है की सरकार को मेरे द्वारा दिए गए प्रत्यावेदन स्वीकार करना चाहिए जिससे कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जरूरतमंद अधिवक्ताओं,मुंशी अन्य आश्रित परिवारों के लिए कोई ना कोई कार्य योजना प्रस्तावित कराई जा सके। जिससे हमारे अधिवक्ता समाज अपने जीवन को इस कठिन परिस्थितिमें सुगम बना सकें।
अधिवक्ता समाज को है सरकार की मदद का इंतजार